. Sri Guru Granth Sahib Verse
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Sri Guru Granth Sahib Verse

ਹਉ ਬਲਿਹਾਰੀ ਸਾਚੇ ਨਾਵੈ ॥

I am a sacrifice to the True Name.

हउ बलिहारी साचे नावै ॥


ਰਾਜੁ ਤੇਰਾ ਕਬਹੁ ਨ ਜਾਵੈ ॥

Your rule shall never end.

राजु तेरा कबहु न जावै ॥


ਰਾਜੋ ਤ ਤੇਰਾ ਸਦਾ ਨਿਹਚਲੁ ਏਹੁ ਕਬਹੁ ਨ ਜਾਵਏ ॥

Your rule is eternal and unchanging; it shall never come to an end.

राजो त तेरा सदा निहचलु एहु कबहु न जावए ॥


ਚਾਕਰੁ ਤ ਤੇਰਾ ਸੋਇ ਹੋਵੈ ਜੋਇ ਸਹਜਿ ਸਮਾਵਏ ॥

He alone becomes Your servant, who contemplates You in peaceful ease.

चाकरु त तेरा सोइ होवै जोइ सहजि समावए ॥


ਦੁਸਮਨੁ ਤ ਦੂਖੁ ਨ ਲਗੈ ਮੂਲੇ ਪਾਪੁ ਨੇੜਿ ਨ ਆਵਏ ॥

Enemies and pains shall never touch him, and sin shall never draw near him.

दुसमनु त दूखु न लगै मूले पापु नेड़ि न आवए ॥


ਹਉ ਬਲਿਹਾਰੀ ਸਦਾ ਹੋਵਾ ਏਕ ਤੇਰੇ ਨਾਵਏ ॥੪॥

I am forever a sacrifice to the One Lord, and Your Name. ||4||

हउ बलिहारी सदा होवा एक तेरे नावए ॥४॥