. Sri Guru Granth Sahib Verse
SearchGurbani.com

Sri Guru Granth Sahib Verse

ਪਤਿਤ ਪਾਵਨ ਨਾਮੁ ਕੈਸੇ ਹੁੰਤਾ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥

How would You have acquired the name, 'Redeemer of sinners'? ||1||Pause||

पतित पावन नामु कैसे हुंता ॥१॥ रहाउ ॥


ਜਉ ਪੈ ਹਮ ਨ ਪਾਪ ਕਰੰਤਾ ਅਹੇ ਅਨੰਤਾ ॥

If I did not commit any sins, O Infinite Lord,

जउ पै हम न पाप करंता अहे अनंता ॥