. Sri Dasam Granth Sahib Verse
SearchGurbani.com

Sri Dasam Granth Sahib Verse

ਤਉ ਤੁਮ ਸਾਚ ਲਖੋ ਮਨ ਮੈ ਪ੍ਰਭ ਜਉ ਤੁਮ ਰਾਮ ਵਤਾਰ ਕਹਾਓ ॥

“You should then deem it true that if you are called Ramvtar,

तउ तुम साच लखो मन मै प्रभ जउ तुम राम वतार कहाओ ॥


ਰੁਦ੍ਰ ਕੁਵੰਡ ਬਿਹੰਡੀਯ ਜਿਉ ਕਰਿ ਤਿਉ ਅਪਨੋ ਬਲ ਮੋਹਿ ਦਿਖਾਓ ॥

“Then the way you have broken the bow of Shiva, show me your strength in the same way

रुद्र कुवंड बिहंडीय जिउ कर तिउ अपनो बल मोहि दिखाओ ॥


ਤਉ ਹੀ ਗਦਾ ਕਰ ਸਾਰੰਗ ਚਕ੍ਰ ਲਤਾ ਭ੍ਰਿਗਾ ਕੀ ਉਰ ਮੱਧ ਸੁਹਾਓ ॥

“Show me your mace, discus, bow and also the mark of the stroke of the foot of sage Bhrigu.

तउ ही गदा करि सारंग चक्र लता भ्रिगा की उर म्ध सुहाओ ॥


ਮੇਰੋ ਉਤਾਰ ਕੁਵੰਡ ਮਹਾਂਬਲ ਮੋਹੂ ਕੱਉ ਆਜ ਚੜਾਇ ਦਿਖਾਓ ॥੧੫੨॥

“Alongwith this dismount my mighty bow and pull its string.”152.

मेरो उतार कुवंड महांबल मोहू कउ आज चड़ाइ दिखाओ ॥१५२॥