. Sri Dasam Granth Sahib Verse
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Sri Dasam Granth Sahib Verse

ਕਲੰਕੰ ਪ੍ਰਣਾਸ ਹੈਂ ॥

That Thou art the Destroyer of blemishes !

कलंकं प्रणास हैं ॥


ਸਮਸਤੁਲ ਨਿਵਾਸ ਹੈਂ ॥

That Thou art the dweller in all !

समसतुल निवास हैं ॥


ਅਗੰਜੁਲ ਗਨੀਮ ਹੈਂ ॥

That Thou art invincible by enemies !

अगंजुल गनीम हैं ॥


ਰਜਾਇਕ ਰਹੀਮ ਹੈ ॥੫॥੧੫੪॥

That Thou art the Sustainer and Gracious ! 154

रजाइक रहीम हैं ॥१५४॥